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This section includes 657 Mcqs, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Testing Subject knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

1.

डिक्री के अन्तर्गत वाद पत्र का नामंजूर किया जाना और धारा 144 के भीतर के किसी प्रश्न का अवधारण आता है-

A. गलत
B. सही
C. वादपत्र का नामंजूर किया जाना शामिल है किन्तु धारा 144 के प्रश्न का अवधारण शामिल नहीं है
D. धारा 144 के भीतर किसी प्रश्न का अवधारण शामिल है किन्तु वादपत्र का नामंजूर शामिल नहीं
Answer» C. वादपत्र का नामंजूर किया जाना शामिल है किन्तु धारा 144 के प्रश्न का अवधारण शामिल नहीं है
2.

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अंतर्गत निम्नलिखत में से कौन डिक्री नहीं है?

A. न्यायालय फीस के असंदाय के कारण वाद-पत्र का अ्स्वीकार किाय जाना
B. व्यक्तिक्रम के लिए खारिज करने का आदेश
C. (a)दोनों (b)और
D. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer» C. (a)दोनों (b)और
3.

एक डिक्री कौ-सी नहीं है?

A. एक अभियोग की अस्वीकृति
B. अनुपस्थिति के लिए बर्खास्तगी का आदेश
C. सि,प्र,सं, की धारा 144 के अन्तर्गत किसी भी सवाल का निर्धारण निर्णायक अधिनिर्णय जो मुकदमे में विवाद में सभी या किन्ही मामलों के संबंध में
D. पक्षों के अधिकारों का निर्दारण करता है
Answer» C. सि,प्र,सं, की धारा 144 के अन्तर्गत किसी भी सवाल का निर्धारण निर्णायक अधिनिर्णय जो मुकदमे में विवाद में सभी या किन्ही मामलों के संबंध में
4.

निम्न में से किस मामले में उच्चतम न्यायालय द्धारा सिविल प्रक्रिया सहिता संशोधन अधिनियम, 1999 एवं 2002 की वैधता को जायज ठहराया गया?

A. देहली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ
B. इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ
C. सेलम एडवोकेट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ
D. पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ
Answer» D. पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन बनाम भारत संघ
5.

निम्नलिखित में से कौन सा निर्ध्रारण 'डिक्री' की परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता ?

A. ऐसा विनिश्यच जो न्यायालय के समक्ष पक्षकारों के अधिकारों से संबंधित विवाद ग्रस्त विषयों में से कुछ विषयों को अन्तिम रूप से निर्णत करता है
B. वाद पत्र का अस्वीकार किया जाना
C. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अन्तर्गत किसी प्रश्न की अवधारणा
D. व्यक्तिक्रम के लिये वाद का खारिज किया जाना
Answer» E.
6.

सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 2 के अधीन शब्द डिक्री के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन-सी बात आती है?

A. चूक के कारण वाद खारिज करने का आदेश
B. वाद पत्र अस्वीकृत करने वाला कोई आदेश
C. कोई ऐसा न्यायिक निर्णय जिसकी अपील किसी आदेश की अपील के रूप में हो सकती है,
D. सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 47 के अधी प्रश्न का अवधारण
Answer» C. कोई ऐसा न्यायिक निर्णय जिसकी अपील किसी आदेश की अपील के रूप में हो सकती है,
7.

एक डिक्री हो सकती है-

A. प्रारम्भिक
B. अन्तिम
C. पहले प्रारम्भिक फिर अन्तिम
D. प्रारम्भिक या अन्तिम कोई भी
Answer» E.
8.

डीम्ड डिक्री से अभिप्रेत है-

A. न्यायालय का अंतिम निर्णय
B. न्यायालय का अंतिम आदेश
C. निर्णय का प्रथम पैराग्राफ
D. निर्णय का अंतिम पैराग्राफ जब तक डिक्री तैयार की जाए।
Answer» C. निर्णय का प्रथम पैराग्राफ
9.

सिविल प्रक्रिया संहिता(संशोधन) अधिनियम 2002 प्रवृत्त हुआ था-

A. 1 अप्रैल, 2002 को
B. 1 जून, 2002 को
C. 1 जूलाई, 2002 को
D. 6 जून 2002 को
Answer» D. 6 जून 2002 को
10.

यह बतायें कि कौन सा अदेश न्यायालय की डिक्री नहीं है?

A. आदेश जो वाद पर रोक का निदेश है
B. आदेश जिससे वाद को प्रतिप्रेरित कर नए सिरे से निपटाने के कहा गया है
C. आदेश जिसमें उचित न्यायालय में प्रस्तुत करने हेतु वाद पत्र लौटाया गया है
D. आदेश जिससे वाद पत्र को नामंजूर किया गया हो
Answer» D. आदेश जिससे वाद पत्र को नामंजूर किया गया हो
11.

दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 निम्न में से किसके संदर्भ में लागू नहीं होती है?

A. दीवानी मामलों में
B. राजस्व मामलों में
C. सेवा संबंधित मामलों में
D. भूमि विधि व स्थानीय विधि के मामलों में
Answer» D. भूमि विधि व स्थानीय विधि के मामलों में
12.

सिविल प्रक्रिया के उपबन्ध-

A. रिट याचिकाओं में विनिर्दष्टतः लागू होते हैं।
B. विनिर्दिष्टतः रिट याचिकाओं में लागू नहीं होते।
C. रिट याचिकाओं में हमेशा लागू होते हैं।
D. रिट याचिकाओं में कभी लागू नहीं होते हैं।
Answer» E.
13.

सिविल प्रक्रिया संहिता में कुल

A. 158 धाराएं तथा 52 आदेश है।
B. 158 धाराएं तथा 51 आदेश है।
C. 167 धाराएं तथा 52 आदेश है।
D. 161 धाराएं तथा 51 आदेश है।
Answer» C. 167 धाराएं तथा 52 आदेश है।
14.

कौन सी दिनांक से दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 लागू की गई?

A. प्रथम जनवरी, 1908
B. प्रथम अप्रैल, 1908
C. इक्कतिस दिसंबर, 1908
D. प्रथम जनवरी, 1909
Answer» E.
15.

पूर्व दोषसिद्धि के लिए भारतीय दण्ड ,संहिता की धारा-----के अधीन वर्धित दण्ड है-

A. 76
B. 71
C. 68
D. 75
Answer» E.
16.

सिविल प्रक्रिया संहिता 1908 विस्तारित है-

A. जम्मू कश्मीर राज्य को छोड़कर सम्पुर्ण भारत में
B. नागालैण्ड एवं मणिपुर राज्य को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में
C. नागालैण्ड राज्य एवं जनजाति क्षेत्रों को छोड़ाकर सम्पूर्ण भारत में।
D. जम्मू कश्मीर, नागालैण्ड एवं जनजाति क्षेत्रों को छोड़कर सम्पूर्ण भारत में
Answer» E.
17.

दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 का विस्तार संपूर्ण भारत पर है, सिवाय-

A. जम्मू एवं कश्मीर राज्य को छोड़कर
B. नागालैण्ड राज्य और जनजाति क्षेत्रों को छोड़कर
C. (a)एवं (b) दोनों
D. उपरोक्त में से कोई नहीं
Answer» D. उपरोक्त में से कोई नहीं
18.

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 हैः

A. सारवान विधि
B. प्रक्रियात्मक विधि
C. सारवान विधि और प्रक्रियात्मक विधि का सम्मिश्रण है
D. निदेशात्मक विधि
Answer» C. सारवान विधि और प्रक्रियात्मक विधि का सम्मिश्रण है
19.

A magistrate convicts an accused of theft for one year imprisonment and one thousand fine. Maximum punishment for which accused can be sentenced to imprisonment in default of payment of fine shall be-

A. 1 years
B. 9 months
C. 3 months
D. 6 months
Answer» C. 3 months
20.

किसी व्यक्ति के द्धारा किये गये अपराध पर वर्द्धित दण्ड निम्न में के किस धारा के अन्तर्गत अधिरोपित किया जा कसता है?

A. धार 75 भारतीय दण्ड संहिता, 1860
B. खाध अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 की धारा 21 में
C. खाध सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 79 में
D. उपरोक्त सभी में
Answer» E.
21.

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 के किन प्रवधानें में एकान्त परिरोध एवं 'एकान्त परिरोध की परिसीम' को समझाया गया है-

A. धारा 68 एवं धारा 69
B. धारा 59 एवं धारा 60
C. धारा 73 एवं धारा 74
D. धारा 71 एवं धारा 72
Answer» D. धारा 71 एवं धारा 72
22.

भारतीय दण्ड संहिता 1860 को कौन-सी धारा में दण्ड विधि काप्रायश्चि समायाहुआ है?

A. धारा 70 में
B. धारा 71 में
C. धारा 75 में
D. धारा 73 एवं 74 में
Answer» E.
23.

एकान्त परिरोध अधिकतम कितने समय के लिए हो सकता है-

A. एक माह
B. दो माह
C. तीन माह
D. अनिश्चित समय के लिए
Answer» D. अनिश्चित समय के लिए
24.

भारतीय दंड संहिता की धारा 73 एवं 74 के अनुसार किसी दोषसिद्ध को दिए गए दंड के किसी भाग अथवा भागों की अवधि के लिए एकांत परिरोध में रखा जा सकता है। निम्न में से कौन- सा सही नहीं है?

A. कुल मिलाकर तीन माह की अवधि से अधिक न हो
B. यदि सजा की अवधि छः माह से अधिक और एक वर्ष से अधिक नहीं है तो तीन माह की अवधि से अधिक नहीं
C. यदि सजा की अवधि एक वर्ष से अधिक है तो तीन माह की अवधि से अधिक नहीं
D. किसी भी अवस्था में एकांत परिरोध एक बार में 14 दिवस से अधिक नहीं होगी
Answer» C. यदि सजा की अवधि एक वर्ष से अधिक है तो तीन माह की अवधि से अधिक नहीं
25.

यदि कारावास की अवधि 6 माह से अधिक न हो , तो एकांत कारावास की अधिकतम अवधि होगी-

A. 15 दिन
B. 1 माह
C. 2 माह
D. 3 माह
Answer» C. 2 माह
26.

अपराध के किसी सिद्धदोष व्यक्ति को कुल मिलाकर कितने समय के लिए एकांत- कारावास में रखा जा सकता है?

A. छः माह
B. तीन माह
C. हो माह
D. एक माह
Answer» C. हो माह
27.

किस सीमा तक किसी व्यक्ति को एकांत परिरोध में रखने का आदेश दिया जा सकता है?

A. छः माह
B. चार माह
C. तीन माह
D. दो माह
Answer» D. दो माह
28.

भा.दं.सं. की धारा 73 एकान्त परिरोध की अधिकतम सीमा नर्धारित करती है

A. एक वर्ष
B. दो वर्ष
C. तीन माह
D. छः माह
Answer» D. छः माह
29.

एकांत परिरोध की अधिकातम सीमा है-

A. एक महीना
B. दो महीने
C. तीन महीने
D. चार महीने
Answer» D. चार महीने
30.

सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट की सहायता से सही उत्तर चुनिए-सूची-I--------------सूची-IIA.एम.एच. जार्ज बनाम महाराष्ट्र राज्य 1. सामान्य आशयB.महबूब शाह बनाम एम्परर ------------2.प्रयत्नC.मैकनाॅटन का वाद-------------------3.दुराशयD.क्वीन बनाम कालिन्स-----------------4. उन्मतता

A. A--B--C--Dn1--2--3--4
B. A--B--C--Dn2--3--1--3
C. A--B--C--Dn4--3--2--1
D. A--B--C--Dn3--1--4--2
Answer» E.
31.

ऐसे अपराध के लिये जो केवल अर्थदण्ड से दण्डनीय हो, अर्थदण्ड देने में व्यतिक्रम की दशा में

A. कारावास साधारण होगा
B. कारावास सश्रम होगा
C. कारावास सश्रम अथवा साधारण हो सकता है
D. कोई कारावास नहीं होगा
Answer» B. कारावास सश्रम होगा
32.

भारतीय दण्ड ,संहिता के अन्तर्गत निम्न में से कौन सी धारा एकान्त परिरोध का प्रावधान करती है?

A. धारा-71
B. धारा-72
C. धारा 73
D. धारा 74
Answer» D. धारा 74
33.

एक सफल अभियोजन का परिणाम होता है-

A. दोषमुक्त
B. उन्मोचन
C. दोषसिद्धि
D. इनमें से कुछ नहीं
Answer» D. इनमें से कुछ नहीं
34.

अपराध, जो कि केवल जुर्माने से दण्डनीय है और फिर जुर्माना न देने पर कारावास हो सकेगा, है-

A. साधारण
B. कठोर
C. एकांत
D. साधारण या कठोर
Answer» B. कठोर
35.

If the offence is punishable with fine only, the imprisonment which the Court imposes in default of payment of the shall be-

A. only simple
B. only rigorous
C. either simple or rigorous
D. None of the above.
Answer» B. only rigorous
36.

प्रथम श्रेणी न्यायिक दण्डाधिकारी ने यदि एक अपराधी को कारावास एवं जुर्माने से दण्डनीय अपराध के लिए 1000 रू0 के जुर्माने से दण्डित किया तब जुर्माना न देने की दशा में उसे दिये जाने वाले कारावास की अवधि-

A. तीन माह
B. 6 माह
C. नौ माह
D. 12 माह
Answer» C. नौ माह
37.

भारतीय दंड संहिता की कौन-सी धाराजुर्माना न देने पर कारावास जबकि अपराध केवल जुर्माने से दंडनीय हो के बारे में प्रावधान करती है?

A. धारा 63
B. धारा 64
C. धारा 67
D. उक्त में से कोई नहीं
Answer» D. उक्त में से कोई नहीं
38.

यदि एक अपराधी को केवल जुर्माने से दण्डनीय अपराध के लिए 1000 रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया है, तब जुर्माना न देने की दशा में उसे दिये जाने वाले कारावास की अवधि अधिक से अधिक निम्न हो सकेगी-

A. चार महीने
B. छः महीने
C. एक साल
D. दो साल
Answer» C. एक साल
39.

यदि कोई अपराध मात्र अर्थदण्ड से दण्डनीय है और अभियुक्त को 50 रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है, तो अर्थदण्ड की अदायगी के व्यतिक्रम की दशा में सजा में सजा की अवधि होगी-

A. एक माह से अनिधिक
B. दो माह से अनधिक
C. तीन माह से अनधिक
D. चार माह से अधिक
Answer» C. तीन माह से अनधिक
40.

कारावास और जुर्माना दोनों से दण्डनीय अपराध के हर मामले में जुर्माना देनें में व्यतिक्रम की दशा में ऐसे कारावास का दण्ड दिया जा सकेगी-

A. केवल सादा
B. सश्रम
C. किसी भांति का
D. जुर्माने की मात्रा पर निर्भर
Answer» D. जुर्माने की मात्रा पर निर्भर
41.

कारावास और जुर्माना दोनों से दण्डनीय अपराध के हर मामले में जुर्माना देने में व्यतिक्रम की दशा में ऐसे कारावास का दण्ड दिया जा सकेगाः

A. जो उस अपराध हेतु निर्धारित अधिकतम कारावास से अधिक न होगा
B. वह कारावास किसी भांति का हो सकता है
C. वह कारावास ऐसा उसी भांति का होगा, जिससे अपराधी को उस अपराध के लिये दण्डित किया जा सकता था
D. वह कारावास के साथ-साथ भुगताए जाने का निर्देश दिया जा सकता है, जो अपराध के लिये प्रदान किया गाय हो
Answer» D. वह कारावास के साथ-साथ भुगताए जाने का निर्देश दिया जा सकता है, जो अपराध के लिये प्रदान किया गाय हो
42.

एक अपराध मात्र अर्थदण्ड से दण्डनीय है और अभियुक्त को 100 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है तो अर्थदण्ड की अदायगी के व्यतिक्रम की दशा में सजा की अवधि होगी-

A. एक माह
B. दो माह
C. तीन माह
D. चार माह
Answer» E.
43.

कारावास और चुर्माना दोनों से दण्डनीय अपराध के हर मामले में जुर्माना देनें में व्यतिक्रम की दशा में ऐसे कारावास का दण्ड दिया जा सकेगा-

A. उस अपराध हेतु निर्धारित अधिकतम कारावास से अधिक न होगा
B. वह कारावास किसी भाँति का हो सकेगा
C. वह कारावास उसी भाँति का होगा जिसमें अपराधी को उस अपराध के लिए दण्डित किया जा सकता था
D. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Answer» D. उपर्युक्त में से कोई नहीं
44.

भारतीय दण्ड संहिता के अनुसार, न्यायालय जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने की दशा में निम्न भांति का कारावास अधिरोपित कर सकेगी-

A. केवल सादा
B. सश्रम
C. किसी भांति का
D. जुर्माने की मात्रा पर निर्भर
Answer» D. जुर्माने की मात्रा पर निर्भर
45.

यदि अपराध कारावास और जुर्माना दोनों से दण्डनीय हो तो जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने की दशा में न्यायालय अपराध के लिए निर्धारित अधिकतम अवधि में से अधिकतम -------अवधि के लिए कारावास की सजा दे सकता है।

A. समान
B. आधी
C. एक तिहाई
D. एक-चौथाई
Answer» E.
46.

जहाँ कि वह राशि अभिव्यक्त नही है वहाँ अपराधी किस रकम के लिए दायी होगा-

A. पाँच हजार तक की रकम
B. पच्चीस हजार तक की रकम
C. पचास हजार रूपये तक की रकम
D. असीमित किन्तु अत्यधिक नहीं
Answer» E.
47.

जहाँ कि वह राशि अभिव्यक्त नहीं की गई है जितने तक जूर्माना हो सकता है वहाँ अपराधी जिस रकम से जुर्माने का दायी होगा वह रकम-

A. पचास हजार रूपये से अधिक नहीं होगी
B. पच्चीस हजार रूपये से अधिक नहीं होगी
C. दस लाख रूपये से अधिक नहीं होगी
D. असीमित किन्तु अत्यधिक नहीं होगी
Answer» E.
48.

दंडावधियों की भिन्नों की गणना करने में, आजीवन कारावास को कितने वर्ष के कारावास के तुल्य गिना जाएगा-

A. धारा 52
B. धारा 53
C. धारा 54
D. धारा 55
Answer» C. धारा 54
49.

यदि अपराध, कारावास और जुर्माना दोनों से दण्डनीय है, तो यह अवधि, जिसके लिए जुर्माना देने में व्यतिक्रम होने की दशा के लिए न्यायालय अपराधी को कारावासित करने का निर्देश दे, कारावास की उस अवधि के----- से अधिक न होगी, जो आपराध के लिए अधिकतम नियत है।

A. एक-तिहाई
B. आधा
C. एक-चौथाई
D. दो-तिहाई
Answer» D. दो-तिहाई
50.

भारतीय दण्ड संहिता के किस प्रवाधान के अन्तर्गत समुचित सररकार आजीवन कारावास की सजा को लघुकृत कर सकेगी?

A. धारा 52
B. धारा 53
C. धारा 54
D. धारा 55
Answer» C. धारा 54