1.

सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के अन्तर्गत वाद दायर करने के स्थान के बारे में कोई भी आपत्ति किसी भी अपीलीय या पुनरीक्षण वाले न्यायालय द्धारा तब तक अनुज्ञात नहीं की जायेगी जब तक ऐसी आपत्ति

A. प्रथम बार के न्यायालय में न लायी गयी हो।
B. यथासम्भव प्रथम अवसर पर न की गयी हो।
C. परिणामस्वरूप न्याय की निष्फलता हूई हो।
D. जब (a),(b) तथा (c) तीनों शर्तों पूरी की गयी हो।
Answer» E.


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