1.

न पादपोन्मूलनशक्तिरंहः, शिलोच्चये मूर्च्छति मारुतस्य। श्लोकांश उद्धृत है।

A. किरातार्जुनीयम् में
B. रघुवंशम् में
C. अभिज्ञानशाकुन्तलम् में
D. उत्तररामचरितमानस में
Answer» C. अभिज्ञानशाकुन्तलम् में


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