1.

दृग उरझत टूटत कुटूम, जुरत चतुर चित प्रीति।परत गांठि दुरजन हिये, दई नई यह रीति।।उक्त दोहे में प्रयुक्त अलंकार है -

A. विषम
B. असंगति
C. व्यतिरेक
D. निदर्शना
Answer» C. व्यतिरेक


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