1.

'ब' का 'अ' देनदार है। 'ब' वह ऋण 'स' को अंतरित कर देता है। 'अ' से ऋण चुकाने लिये 'ब' तकाजा करता है। 'अ' को अन्तरण की यथाविहित सूचना धारा 131 सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम 1882 में नहीं मिली और वह 'ब' को संदाय कर देता यह संदाय है-

A. वैध
B. अवैध
C. प्रवर्तनीय
D. प्रवर्तनीय नहीं
Answer» B. अवैध


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