1.

An acceptance is relevant on behalf of and in favor of the acceptor when such acceptance-

A. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 18 में आती है।
B. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 31 में आती है।
C. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 21 में आती है।
D. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 20 में आती है।
Answer» D. भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 20 में आती है।


Discussion

No Comment Found