1.

'अ' 'स' को वह ऋण अन्तरित करता है जो उसे 'ब' से शोध्य है। 'अ' उस समय 'ब' का ऋणी है। 'स' पर 'ब' उस ऋण के लिये वाद लाता है जो 'ब' द्धारा 'अ' को शोध्य है। क्या 'ब' उस ऋण का मूजरा कर सकता है जो उसे 'अ' द्धारा शोध्य है-

A. हाँ, यधपि अन्तरण की तारीख पर 'स' से वह अनभिज्ञ था
B. नहीं, क्योंकि 'स' इससे अनभिज्ञ था
C. मुजरा नहीं किया जा सकता
D. 'ब' अनुयोज्य दावे का अन्तरिती सभी दायित्वों के अध्यधीन ग्रहण नहीं करता है
Answer» B. नहीं, क्योंकि 'स' इससे अनभिज्ञ था


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